Friday, October 9, 2015

मुद्रा अवमूल्यन



                         मुद्रा अवमूल्यन 


किसी देश के द्वारा उसकी अपनी  मुद्रा के मूल्य को कम करना (डॉलर के मूल्य  से) मुद्रा अवमूल्यन कहलाता है|

नोट- मुद्रा अवमूल्यन से मुद्रा का घरेलु मुद्रा का बाह्य मूल्य कम होता है | परन्तु मुद्रा के आंतरिक मूल्य में कोई भी परिवर्तन नही होता है

उदाहरण-  माना की भारत अपनी मुद्रा में पांच रुपए का अवमूल्यन करता है
         अवमूल्यन के पहले- 1 डॉलर = 60 रुपये
         अवमूल्यन के बाद-  1 डॉलर =  55रूपये  


अवमूल्यन के पहले- जैसे की भारत में आप 1 डॉलर मूल्य की कोई वस्तु खरीद ते हैं तो आपको उसके लिए  60 (साठ) रुपए चुकाने होंगे
और

अवमूल्यन के बाद- 1 डॉलर की वस्तु कीमत के लिए आपको 65 (पेंसठ) रुपये चुकाने होंगे  

मुद्रा अवमूल्यन से लाभ
  • मुद्रा अवमूल्यन के कारण देश में निर्मित चीज़े सस्ती हो जाती है | (बाहर के देशों के लिए)
  • मुद्रा अवमूल्यन से किसी भी देश के निर्यात ने सुधार (व्रद्धि) होती है | जिसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्स्था पर पडता है-
  • मतलब जो देश अवमूल्यन करता है| उसकी अर्थव्यस्था मे सुधार (व्रद्धि) होती है

 मुद्रा अवमूल्यन से हानि 
  • अगर देखा जाए तो मुद्रा अवमूल्यन से कोई खास हानि नही होती |
  • मुदा अवमूल्यन से विदेश निर्मित वस्तुयों के मूल्य में व्रद्धि हो जाती है | जिसके फलस्वरूप विदेसी वस्तुयों की मांग की कमी होने लगती है |


 अवमूल्यन से जुड़े हुये कुछ महत्वपूर्ण तथ्य J
  • अवमूल्यन या मूल्य हास दोनों ही इस्थी में मुद्रा के मूल्य के बहरी मूल्य में कमी होती है
  • डॉलर के मुकाबले में रुपया में कमी होने पर विदेश घूमना/रहना महंगा हो जाता है | लेकिन रूपये की वैल्यू कम होने से देश के पर्यटन में वृद्धि होती है
  • विसदेश में रहने वाले भारतीय अगर घर (भारत) में धन भेजेंगे तो उनको पहले की तुलना में अधिक धन राशि प्राप्त होगी
  • अवमूल्यन साईं मुद्रा का वाहरी मूल्य लम होता है | न की मुद्रा का आन्तरिक मूल्य |
  • अवमूल्यन मुख्य रूप से आयत को कम करने तथा निर्यात को वढाने के लिए किया जाता है|
  • कई देश मुद्रा अवमूल्यन देश  को हो रहे व्यापार घाटे को पूरा या कम कर नै हेतु करते हैं
  • भारत में अब तक तीन वार मुद्रा अवमूल्यन हुआ है | (1947, 1966, 1991)
  • 1967, 1992  में पाउंड स्टर्लिंग  का अवमूल्यन हुआ जो भारत के अवमूल्यन के ठीक एक साल (+1) बाद हुये है |
  • सन 2001-2002  में अर्जेंटीना नै अपनी मुद्रा पीसो का अवमूल्यन किया वो भी विना किसी ख़ास आव्यस्कता के इस कारण इसे मुद्रा का नाटकीय अवमूल्यन कहा गया
  • 11-12 अगस्त   2015 को चीन नै भी अपनी मुद्रा युआन का अवमूल्यन किया है|


Sunday, October 4, 2015

कंप्यूटर कोर्स (Computer course in Gaur-Empire)

                                         आमुख (Preface)

Gaur-Empire - कंप्यूटर कोर्स का मुख्य उद्देश्य आप को कंप्यूटर के ज्ञान से  परिचित करना है | और आज के इस कंप्यूटर युग में आपको इस सुभिधा के समर्थ बनाना है | आज के युग में कंप्यूटर की प्रगति काफी तीब्र गति से हो रही है | इस लिए यह सभी के लिए आवश्यक विषय है | और  इस कोर्स का उद्द्येस्य आप को इस नई तकनीक को सिखाना है |
          
Gaur-Empire- कंप्यूटर कोर्स में आपको इस प्रकार लिखने की कोसिस करूंगा की अगर आपको साधारण  सा भी हिंदी और इंग्लिश का ज्ञान है | तो आप आप यहाँ कंप्यूटर ज्ञान का  लाभ ले सकते है | यहाँ आपको लेख के अलावा चित्रों के माध्याम से भी समझ ने को मिलेगा, इस कोर्स में जटिल विषय से बचने की पूरी कोसिस की गयी है | ऐसा प्रारम्भिक उपयोगकर्ता को ध्यान में रखकर किया गया है| जिसके कारण वह इसे बोझिल ना समजें लेकिन हम उम्मीद करते है यह ब्लॉग पुराने और अनुभवी उपयोगकर्ताओं को भी लाभ देगा |

मुझे पूर्ण विश्वास है | की मेरा ब्लॉग आपको कंप्यूटर के ज्ञान से परिचित कराने में पूर्ण रूप से समर्थ होगा | में अपने ब्लॉग की उपयोगिता को  बढ़ाने एवम् त्रुटीयों को दूर करने हेतु आप सभी के सुझावों का आमंत्रण कर्ता हूँ |

धन्यवाद                                                                                                                                   
                                                                                                                                              योगेश्वर गौड 
                                                                                                                                                        लेखक  
                                                                                                                           
 

Saturday, October 3, 2015

आप सभी का ब्लॉग पर स्वागत है

नमस्कार दोस्तों , 
                          यह मेरा पहला ब्लॉग है। में ने कई ब्यक्तियों के ब्लॉग देखे और पढ़े । फिर मैंने मेरे  सर योगेन्द्र पाल सर के ब्लॉग एलबीडबल्यू को फॉलो करना  स्टार्ट किया तब कही मुझे ब्लॉग के वारे में समझ में आने लगा। या फिर यूं कह लीजिये मुझे ब्लॉग बनाने की प्रेरणा योगेन्द्र पाल सर से मिली । और मै ने यह ब्लॉग बनाया जो में अपने कई विद्यार्थी दोस्तों के लिए बनाया। में इस कार्य में अपने बड़ों का जो पहले से ब्लोगर हैं का सहयोग चाहूँगा । और आप सभी का प्यार चाहूँगा । 
                
                                                                                         आपका अपना - योगेश्वर गौड 

Friday, October 9, 2015

मुद्रा अवमूल्यन



                         मुद्रा अवमूल्यन 


किसी देश के द्वारा उसकी अपनी  मुद्रा के मूल्य को कम करना (डॉलर के मूल्य  से) मुद्रा अवमूल्यन कहलाता है|

नोट- मुद्रा अवमूल्यन से मुद्रा का घरेलु मुद्रा का बाह्य मूल्य कम होता है | परन्तु मुद्रा के आंतरिक मूल्य में कोई भी परिवर्तन नही होता है

उदाहरण-  माना की भारत अपनी मुद्रा में पांच रुपए का अवमूल्यन करता है
         अवमूल्यन के पहले- 1 डॉलर = 60 रुपये
         अवमूल्यन के बाद-  1 डॉलर =  55रूपये  


अवमूल्यन के पहले- जैसे की भारत में आप 1 डॉलर मूल्य की कोई वस्तु खरीद ते हैं तो आपको उसके लिए  60 (साठ) रुपए चुकाने होंगे
और

अवमूल्यन के बाद- 1 डॉलर की वस्तु कीमत के लिए आपको 65 (पेंसठ) रुपये चुकाने होंगे  

मुद्रा अवमूल्यन से लाभ
  • मुद्रा अवमूल्यन के कारण देश में निर्मित चीज़े सस्ती हो जाती है | (बाहर के देशों के लिए)
  • मुद्रा अवमूल्यन से किसी भी देश के निर्यात ने सुधार (व्रद्धि) होती है | जिसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्स्था पर पडता है-
  • मतलब जो देश अवमूल्यन करता है| उसकी अर्थव्यस्था मे सुधार (व्रद्धि) होती है

 मुद्रा अवमूल्यन से हानि 
  • अगर देखा जाए तो मुद्रा अवमूल्यन से कोई खास हानि नही होती |
  • मुदा अवमूल्यन से विदेश निर्मित वस्तुयों के मूल्य में व्रद्धि हो जाती है | जिसके फलस्वरूप विदेसी वस्तुयों की मांग की कमी होने लगती है |


 अवमूल्यन से जुड़े हुये कुछ महत्वपूर्ण तथ्य J
  • अवमूल्यन या मूल्य हास दोनों ही इस्थी में मुद्रा के मूल्य के बहरी मूल्य में कमी होती है
  • डॉलर के मुकाबले में रुपया में कमी होने पर विदेश घूमना/रहना महंगा हो जाता है | लेकिन रूपये की वैल्यू कम होने से देश के पर्यटन में वृद्धि होती है
  • विसदेश में रहने वाले भारतीय अगर घर (भारत) में धन भेजेंगे तो उनको पहले की तुलना में अधिक धन राशि प्राप्त होगी
  • अवमूल्यन साईं मुद्रा का वाहरी मूल्य लम होता है | न की मुद्रा का आन्तरिक मूल्य |
  • अवमूल्यन मुख्य रूप से आयत को कम करने तथा निर्यात को वढाने के लिए किया जाता है|
  • कई देश मुद्रा अवमूल्यन देश  को हो रहे व्यापार घाटे को पूरा या कम कर नै हेतु करते हैं
  • भारत में अब तक तीन वार मुद्रा अवमूल्यन हुआ है | (1947, 1966, 1991)
  • 1967, 1992  में पाउंड स्टर्लिंग  का अवमूल्यन हुआ जो भारत के अवमूल्यन के ठीक एक साल (+1) बाद हुये है |
  • सन 2001-2002  में अर्जेंटीना नै अपनी मुद्रा पीसो का अवमूल्यन किया वो भी विना किसी ख़ास आव्यस्कता के इस कारण इसे मुद्रा का नाटकीय अवमूल्यन कहा गया
  • 11-12 अगस्त   2015 को चीन नै भी अपनी मुद्रा युआन का अवमूल्यन किया है|


Sunday, October 4, 2015

कंप्यूटर कोर्स (Computer course in Gaur-Empire)

                                         आमुख (Preface)

Gaur-Empire - कंप्यूटर कोर्स का मुख्य उद्देश्य आप को कंप्यूटर के ज्ञान से  परिचित करना है | और आज के इस कंप्यूटर युग में आपको इस सुभिधा के समर्थ बनाना है | आज के युग में कंप्यूटर की प्रगति काफी तीब्र गति से हो रही है | इस लिए यह सभी के लिए आवश्यक विषय है | और  इस कोर्स का उद्द्येस्य आप को इस नई तकनीक को सिखाना है |
          
Gaur-Empire- कंप्यूटर कोर्स में आपको इस प्रकार लिखने की कोसिस करूंगा की अगर आपको साधारण  सा भी हिंदी और इंग्लिश का ज्ञान है | तो आप आप यहाँ कंप्यूटर ज्ञान का  लाभ ले सकते है | यहाँ आपको लेख के अलावा चित्रों के माध्याम से भी समझ ने को मिलेगा, इस कोर्स में जटिल विषय से बचने की पूरी कोसिस की गयी है | ऐसा प्रारम्भिक उपयोगकर्ता को ध्यान में रखकर किया गया है| जिसके कारण वह इसे बोझिल ना समजें लेकिन हम उम्मीद करते है यह ब्लॉग पुराने और अनुभवी उपयोगकर्ताओं को भी लाभ देगा |

मुझे पूर्ण विश्वास है | की मेरा ब्लॉग आपको कंप्यूटर के ज्ञान से परिचित कराने में पूर्ण रूप से समर्थ होगा | में अपने ब्लॉग की उपयोगिता को  बढ़ाने एवम् त्रुटीयों को दूर करने हेतु आप सभी के सुझावों का आमंत्रण कर्ता हूँ |

धन्यवाद                                                                                                                                   
                                                                                                                                              योगेश्वर गौड 
                                                                                                                                                        लेखक  
                                                                                                                           
 

Saturday, October 3, 2015

आप सभी का ब्लॉग पर स्वागत है

नमस्कार दोस्तों , 
                          यह मेरा पहला ब्लॉग है। में ने कई ब्यक्तियों के ब्लॉग देखे और पढ़े । फिर मैंने मेरे  सर योगेन्द्र पाल सर के ब्लॉग एलबीडबल्यू को फॉलो करना  स्टार्ट किया तब कही मुझे ब्लॉग के वारे में समझ में आने लगा। या फिर यूं कह लीजिये मुझे ब्लॉग बनाने की प्रेरणा योगेन्द्र पाल सर से मिली । और मै ने यह ब्लॉग बनाया जो में अपने कई विद्यार्थी दोस्तों के लिए बनाया। में इस कार्य में अपने बड़ों का जो पहले से ब्लोगर हैं का सहयोग चाहूँगा । और आप सभी का प्यार चाहूँगा । 
                
                                                                                         आपका अपना - योगेश्वर गौड